Shayari: Khuli Ankhon Se Dekhta Hoon Sapne
Friday, March 5th, 2010 | 668 Views | Email This Shayari
| Print This Sher
| Author Kamal Kaushik
Category: Dard Bhari Shayari, Ghazals & Lyrics
खुली आँखों से देखता हूँ सपने,एक दिन तो सब बदल जायेगा,
दूर हुआ है मुझसे जो कोई, एक दिन हर कोई लौट आयेगा,
चंद ख़ुशी के लम्हों के सहारे गुजर रही है जिंदगी,
क्या कभी हमारे दर पर भी कोई खुशियों का पैगाम लायेगा,
खुली आँखों से देखता हूँ सपने , एक दिन तो सब बदल जायेगा,
दूर हुआ है मुझसे जो कोई,एक दिन हर कोई लौट आयेगा,
जाने कब वो पल,आयेगा जब कोई मेरा अपना कहलायेगा,
यूँही रहती है आस किसी की,कभी तो वो आयेगा,
जाने कब तक करना पड़ेगा इंतज़ार उसका,
उम्मीद है के जीते जी ही यह ख़त्म हो जायेगा,
दूर हुआ है मुझसे जो कोई,एक दिन हर कोई लौट आयेगा,
एक रास्ता चुना था मैंने सुरु से अंत तक जाने के किये,
माँगा था उम्र बहर का साथ निभाने के लिए,
सोचा ना था ऐसा भी कोई पल आयेगा,
यूँ मुझको तन्हा वो छोड़ कर चला जायेगा,
दूर हुआ है मुझसे जो कोई, एक दिन हर कोई लौट आयेगा,
दर्द इस बात का नहीं के उसने मेरा दिल तोड़ दिया,
दर्द इस बात का है इतनी दूर लाकर यूँ साथ छोड़ दिया,
पहले दिल में बनायीं प्यार के लिए जगह,
फिर तोड़ दिया यह दिल मर जाने के लिए!
By Kamal Kaushik
Latest Shers By eMail Daily |
If this shayari is written by you and posted here without your name, or you know the original writer of this Sher. Feel free to submit the request by Clicking Here. We will verify it and provide the full credit to the Writer.








