Dilon Men Phir Wo Pehale Si, Mohabbat Ho Agar Paida
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दिलों में फिर वो पहली सी, मोहब्बत हो अगर पैदा
यकीनन हो नहीं सकता, जहाँ में कोई शर(फसाद) पैदा
फ़जाओं में जो तल्खी(कड़वाहट)है जला कर खाक़ कर डालो
शजर(वृक्ष) ऐसे लगाओ जिनपे हों मीठे समर(फल) पैदा







